होली रंगों का त्योहार है जिसे हर साल फागुन के महीने में (मार्च) हिन्दू धर्म के लोग बड़ी धूमधाम से मनाते है. इस दिन लोग एक दुसरे के गिले शिकवे भुलाकर एक दुसरे को रंग लगाते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि होली मनाने का तरीका भी अलग अलग जगहों पर अलग अलग है? अगर आपको नहीं पता तो पढ़िए….

उत्तर प्रदेश होली

उत्तर प्रदेश में जगह जगह पर होली मनाने का तरीका अलग अलग है. अगर मथुरा, वृन्दावन की तरफ जाते हैं तो वहां लट्ठ मार होली देखने को मिलेगा. साल भर में एक ऐसा दिन भी आता है जब पत्नी अपने पति को डंडे से मारती हैं. इसके बाद आप अगर लखनऊ, वाराणसी इलाहबाद जाते है तो आपको होली का अलग जश्न देखने को मिलेगा. यहां लोग अबीर गुलाल और पानी से खेलते है और डीजे पर खूब नाचते हैं.

बंगाल की होली 

बंगाल की होली भी कम नहीं है. बंगाल में होली को ‘डोल यात्रा’ या ‘डोल पूर्णिमा कहते हैं. इस दिन होली के दिन राधा और कृष्ण की प्रतिमाओं को डोली में बैठाकर पूरे शहर में घुमाते हैं और औरतें उसके आगे नृत्य करती हैं.

 

उतराखंड होली

उतराखंड में होली के दिन सभी पारंपरिक कपड़े पहनते हैं. सभी एक साथ मिल बैठकर समूह गान और नृत्य करते हैं. यहां होली बसंत पंचमी से ही शुरू हो जाती है.

गोवा में होली

गोवा में होली को शिमगो या शिमगोत्सव कहा जाता है. इस दिन लोग वसंत का स्वागत करने के लिए रंग खेलते हैं और जुलुस निकालते हैं.

बिहार की होली

बिहार की होली भी काफी मशहूर है. कहीं कहीं तो कीचड़ से भी होली खेली जाती. इस दिन फगुआ और जोगिरा गाने का रिवाज है. भांग खाकर लोग जम कर नाचते हैं. कुरता फाड़ होली भी बहुत फेमस है.

‘दुल्हंदी’ – हरियाणा होली

हरियाणा होली भी लट्ठ मार होली जैसी होती है. इस दिन यहां देवर, भाभी को रंगने की कोशिश करता है और बदले में भाभी देवर की लाठियों से पिटाई करती है. यहां होली को ‘दुल्हंदी’ भी कहते हैं.

पंजाब की होली

यहां पर होली पौरुष के प्रतीक पर्व के रूप में मनाई जाती है. पंजाब में होली को होला मोहल्ला कहा जाता है. इस अवसर पर, घोड़ों पर सवार निहंग, हाथ में निशान साहब उठाए तलवारों के करतब दिखा कर साहस, पौरुष और उल्लास का प्रदर्शन करते हैं.

 

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