सुनकर आश्चर्य जरुर लग रहा होगा परन्तु ये सत्य है. एक गाय की तेरहवीं पर घर वालों ने लगभग 1 हजार लोगों को भोज के लिए आमंत्रित किया. गाय का नाम गौरी रखा गया था और गौरी 13 वर्षों से उस परिवार का हिस्सा थी.

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दरअसल ये मामला गाजियाबाद के मुरादनगर की काकड़ा गांव की है. निवासी देवप्रकाश शर्मा की यह गौरी एक गाय थी, जो 13 वर्षों में उनके परिवार का हिस्सा बन गई थी. उसकी मौत के बाद रविवार को परिवार ने बकायदा भोज दिया. भोज में एक हजार से अधिक लोग आए थे, जिनमें क्षेत्रीय विधायक अजीतपाल त्यागी भी थे.

अंतिम यात्रा में बैंड-बाजा
31 मार्च को जहरीले कीड़े के काटने से गौरी की मौत हो गई थी. वहीं पुरे विधि विधान तरीके से गाय की शवयात्रा निकली गई. जिसमे बैंड-बाजा भी किया गया था. शवयात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. रविवार को गौ माता की स्मृति में हवन यज्ञ किया गया. इसके बाद भोज हुआ.

अनूठी थी गौरी
देवप्रकाश शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने गौरी को खरीदा था, तब उसने एक बछिया को जन्म दिया था. इसके बाद उसने कभी प्रजनन नहीं किया, लेकिन लगातार दूध दे रही थी. गाय 10 से लेकर 14 लीटर तक दूध देती थी.

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